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स्कूली बच्चों को मिलने वाली छात्रवृति व पोशाक राशि के लाभ से बच्चों को किया वंचित

R K S | 18-01-2019 22:21:43

स्कूली बच्चों को मिलने वाली छात्रवृति व पोशाक राशि के लाभ से बच्चों को किया वंचित Sonebhardaexpress.com | Bihar News | Nerth East News | West Bengal News | Sikkim News | Purnea News |

सहरसा:

फोटो-0136 -विद्यालय शिक्षा समिति समेत ग्रामीणों ने की बीईओ और बीडीओ जांच की मांग सौरबाजार/सहरसा। प्रखंड के तीरी पंचायत स्थित एनपीएस पदमपुरा में पढ़ने वाले बच्चों को वर्ष 2012 से अब तक पोशाक और छात्रवृति की राशि नहीं मिल पाई है। शिक्षा समिति के अध्यक्ष, सचिव, सदस्य और ग्रामीण के अनुसार तत्कालीन प्रधानाध्यापक द्वारा बच्चों को मिलने वाली इन राशि का गबन कर लिया गया है और बच्चों को लाभ से व

चित रखा गया है। शिक्षा समिति के सदस्य एवं ग्रामीणों ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन देकर जांच कर प्रधानाध्यापक पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। पदाधिकारियों को दिये आवेदन में ग्रामीणों ने कहा है कि इस विद्यालय में पढ़ने वाले गांव के लगभग 150 बच्चों को वर्ष 2012 से 18 तक कोई भी सरकारी लाभ नहीं दिया गया है। सभी राशि का प्रधानाध्यापक भूपेंद्र कुमार द्वार

गबन कर लिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं सचिव से प्रधानाध्यापक द्वारा एक लाख इक्कीस हजार के चेक पर यह कह कर हस्ताक्षर भी करवाया गया था कि यह बच्चों के खाते में राशि भेजने के लिए बैंक में जमा करना है लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद आज तक बच्चों के खाते में राशि नहीं आई समिति द्वारा जब प्रधानाध्यापक से इस बात की जानकारी लेनी चाही तो वे टालमटोल करने ल

े। शिक्षा समिति द्वारा इस बात की जानकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को दी गई। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने जांच में ग्रामीणों की शिकायत को सही पाया और कार्रवाई करने के बदले 26 सितंबर 2018 को भूपेन्द्र कुमार को प्रधानाध्यापक पद से हटाते हुए विद्यालय के सहायक शिक्षक संजीव कुमार को प्रभारी प्रधानाध्यापक बना दिया गया। संजीव कुमार को भी प्रधानाध्यपक बने पांच माह बीत गए लेकिन उन्हें पूर्व

े प्रधानाध्यापक द्वारा आज तक न तो प्रभार दिया गया और न हीं बच्चों को कोई लाभ मिल पाया है। पांच वर्ष में कभी भी विधालय शिक्षा समिति की बैठक नहीं हुई है जो एक गंभीर मामला है । ग्रामीणों ने आवेदन में विद्यालय प्रधान और शिक्षकों पर आरोप लगाते हुए कहा कि विद्यालय परिसर में शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है। विद्यालय में आदर्श शौचालय बनाने के लिए दी गई राशि का भी प्रधानाध्यपक द्वारा गब

कर लिया गया है और बनाए गए शौचालय उपयोग करने के लायक नहीं है। उसमें पानी की भी व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण बच्चों को विद्यालय के समय में शौच करने बाहर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने पदाधिकारीयों से विद्यालय से संबधित कागजात, अभिलेख कैशबुक, सूचना पंजी, एमडीएम पंजी, भाउचर रशीद, बैठक पंजी कार्यवाही पंजी आदि की जांच कर दोषी प्रधानाध्यापक पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, अन्यथा ग्रामी

और शिक्षा समिति आंदोलन करने पर बाध्य होगी। क्या कहते हैं बीईओ: इस बाबत बीईओ अरूण कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है कुछ समस्या है जिसका समाधान किया जा रहा है। जिसके बाद बच्चों को पोशाक व छात्रवृत्ति की राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।