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अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन भी कोरोना से जिंदगी जंग हार गया

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दिल्ली। अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते मौत हो गई है। छोटा राजन को पिछले दिनों कोविड संक्रमण से इलाज के लिए एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। छोटा राजन को तिहाड़ जेल में बंद रहने के दौरान कोरोना हो गया था। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे अस्पताल में एडमिट कराया गया था। कई दिनों तक उसकी हालत स्थिर बनी हुई थी, लेकिन शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। छोटा राजन पर अपहरण और हत्या के कई मामलों समेत 70 से अधिक केस दर्ज थे। उसे मुंबई के सीनियर पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या में दोषी करार देते हुए आजीवन कैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि पिछले दिनों उसे हनीफ कड़ावाला की हत्या के केस में विशेष सीबीआई कोर्ट ने बरी कर दिया था।मुंबई में 1993 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट में भी छोटा राजन आरोपी था। छोटा राजन का असली नाम राजेंद्र निकालजे था। 2015 में उसे इंडोनेशिया से भारत प्रत्यर्पित कर लाया गया था। 26 अप्रैल को उसे कोरोना संक्रमण से इलाज के लिए एम्स ले जाया गया था। तिहाड़ जेल के एक अधिकारी ने 26 अप्रैल को एक केस की सुनवाई के दौरान बताया था कि छोटा राजन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर पेशी के लिए नहीं लाया जा सकता। इसकी वजह यह है कि उसे कोरोना पॉजिटिव पाया गया है और अस्पताव में भर्ती कराया गया है।

जल्द शुरु होने जा रहा है भारत स्काउट और गाइड द्वारा ऑनलाइन क्वीज प्रतियोगिता

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ऑनलाइन क्वीज प्रतियोगिता
स्काउट गाइड पूर्णिया

जल्द शुरु होने जा रहा है भारत स्काउट और गाइड द्वारा ऑनलाइन क्वीज प्रतियोगिता

सोनभद्र संवाददाता। पूर्णिया

जिला में बहुत जल्द भारत स्काउट और गाइड द्वारा ऑनलाइन क्वीज प्रतियोगिता होने जा रहा है। इस प्रतियोगिता में केवल पूर्णिया जिला के प्रतिभागी ही भाग ले सकेंगे। उक्त जानकारी देते हुए स्काउट गाइड के जिला संगठन आयुक्त दिवाकर कुमार ने बताया कि ऑनलाइन स्काउट/ गाइड, रोवर /रेंजर, स्काउटर /गाइडर ऑनलाइन क्विज कंपटीशन का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में स्काउटिंग-गाइडिंग, जीके-जीएस से संबंधित कुल 50 प्रश्न पुछे  जाएगें। जिसमें प्रत्येक प्रश्न के सही उत्तर देने पर 2 अंक प्राप्त दिया जाएगा। इन प्रश्नों को हल करने के कुल 30 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी प्रश्न को हल कर सबमिट करते ही  प्रतिभागी को सभी प्रश्न का उत्तर मिल जायेगा। साथ ही 50 प्रतिशत से ज्यादा सही उत्तर देने वालों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। जिला मुख्यालय आयुक्त, जिला सचिव, जिला संगठन आयुक्त के द्वारा ऑनलाइन प्रतिभागी के ईमेल पर प्रमाण पत्र भेज दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यह प्रतियोगिता केवल पूर्णिया जिला के लिए मान्य होगा।

झपट्टामार गिरोह ने महिला के सोने की चेन छीन फरार

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सोने की चेन की छिनतय
महिला के गले से सोने की चेन बाइक सवार छीन हुए फरार

कोरोना काल में झपट्टा मार गिरोह की नहीं रुक रही वारदातें

सोनभद्र संवाददाता। पूर्णिया

कोरोना वैश्विक महामारी में जहां आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। वहीं झपट्टा मार गिरोह वारदातों को अंजाम देने में लगे हुए हैं। बतादें की शुक्रवार की सुबह लगभग 10 बजकर 50 मिनट पर प्रभात कॉलोनी निवासी मेडिकल रिप्रजेंटेटिव अतानु मित्रा की पत्नी के गले से झपट्टा मार बाईक सवार ने गिरजा चौक पर गले सोने का चेन छीन कर फरार हो गया। इस दौरान अतानु मित्रा और उनकी पत्नी अनियंत्रित होकर गिरते-गिरते बचे गए। पीड़ित अतानु मित्रा ने बताया कि वे अपने घर प्रभात कॉलोनी से राशन का सामान लेने भट्टा निकले थे। राशन का पूरा सामान लेकर अपने बाईक से वापस घर की ओर लौट रहे थे। तभी मुंह में मास्क लगाये बिना नंबर की एक नई केटीएम बाईक जिस पर ख्वाजा गरीब नवाज लिखा हुआ था। अतानु ने बताया इस घटना से उसकी पत्नी काफी घबरा गई। शादी में मिले सोने की चेन जिसकी कीमत लगभग 1लाख से ज्यादा थी। उन्होंने यह भी बताया कि झपट्टा मार बाईक सवार दो युवक जिला स्कूल से पीछा कर रहा था। जिस मैं नहीं समझ सका।

 

 

टीचर्स ऑफ बिहार में टॉप रायटर्स से नवाजी गयी किशनगंज की निधी चौधरी

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किशनगंज : बच्चों के बीच ज्ञान और ममत्व को बांटने वाली युवा शिक्षिका सह कवित्री निधि चौधरी ने एक बार फिर अपने प्रखंड पोठिया जिला किशनगंज का नाम बिहार के मानचित्र पर अब्बल रूप में खड़ा किया है। निधि यूं तो शब्दों को पिरो कर कविता की इतनी बेहतरीन जंजीर बना डालती हैं जिसे सुनने और पढ़ने के बाद हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता है ऐसा ही कारनामा एक बार फिर निधि ने बाल कविता की रचना में कर डाला है। टीचर्स ऑफ बिहार द्वारा निधि को टॉप रायटर्स का खिताब दिया जा रहा है सरकार द्वारा जारी 10 कवित्रियों को पद्मपंकज लेखक लेखिका की सूची में रखा गया है जिसमें किशनगंज की निधि चौधरी को पहला स्थान दिया गया है। इस किताब से जहां निधि प्रफुल्लित है, वहीं उनके विद्यालय के साथ सहयोगी सहित जिला के लोग खुश है।

बिहार पंचायत चुनाव पर कोरोना का कहर, अधिकारियों को शक्ति देगी सरकार

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15 जून के बाद पंचायत प्रतिनिधियों का वित्तीय अधिकार खत्म

पटना । कोरोना के बढ़ते प्रकोप के आगे बिहार में पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावना टलती हुई नजर आ रही है। इन स्थितियों के बीच बिहार की त्रिस्तरीय पंचायतों का कामकाज 15 जून के बाद जनप्रतिनिधियों के जिम्मे नहीं, बल्कि अधिकारियों के हवाले कर दिया जाएगा। प्रदेश सरकार वार्ड से लेकर ग्राम पंचायत, पंचायती समिति और जिला परिषद तक की विकास योजनाएं बनाने और मंजूर करने का अधिकार प्रखंड से लेकर जिलों के अधिकारियों को देने की तैयारी पहले से कर रही है।
पंचायती राज विभाग विकास योजनाओं की तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति का अधिकार अब बीडीओ, डीडीसी और डीएम को सौंपने का मसौदा करीब-करीब तैयार कर चुका है।नीतीश कैबिनेट की स्वीकृति मिलने का बस इंतजार है। स्वीकृति मिलते ही इसको लागू कर दिया जाएगा।
बिहार पंचायत चुनाव पर विचार करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने 21 अप्रैल को 15 दिनों का समय लिया था। उस वक्त राज्य निर्वाचन आयोग को उम्मीद थी कि तब तक कोरोना वायरस की रफ्तार प्रदेश में काफी कम हो जाएगी। पर अब वह समय सीमा समाप्त होने पर भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम तो नहीं हुई, बल्कि और ज्यादा बढ़ गई है। इन स्थितियों में यह माना जा रहा है कि जून के पहले हफ्ते में मानसून का प्रवेश की वजह से निर्वाचन आयोग के लिए चुनाव करना संभव नहीं हो पायेगा।
2006 में पंचायती राज अधिनियम बनाने के दौरान विशेषज्ञों को तो इस बात की उम्मीद भी नहीं रही होगी कि कभी चुनाव टालने की नौबत भी आ जाएगी। इन स्थितियों में पंचायती राज संस्थाओं के अधिकार दिए जाने के बारे में अधिनियम में कोई उल्लेख ही नहीं है। लिहाजा वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए सरकार की ओर से अध्यादेश लाने जाने पर विचार किया जा रहा है। वैसे यह भी विचार किया जा सकता है कि पंचायती संस्थाओं के कार्यकाल को ही विस्तार कर दिया जाए। पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी की मानें तो पंचायत चुनाव कब होंगे, इस बात का निर्णय निर्वाचन आयोग को करना है। उनके अनुसार प्रदेश सरकार चुनाव के लिए फंड और अन्य इंतजाम करती है। राज्य सरकार अपने कार्यों को पहले ही कर चुकी है।

बिहार में एंबुलेंस के मनमाना किराया पर लगी ब्रेक, सरकार ने तय किया रेट

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रंजीत कुमार- पटनाः बिहार में एक तरफ कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रहा है वहीं यहां एंबुलेंस और दवाईयों के माध्यम से असहाय मरीज और उनके परिजनों को लूटा जा रहा है। इसी बीच जनमानस के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया और अब मनमाना एंबुलेंस का रेट वसूलने वालों पर लगाम लगा दिया है। अब किसी को भी कहीं जाना हो एंबुलेंस के लिए सरकार ने रेट तय कर दिया है। अगर इसमें किसी भी प्रकार की गफलत पायी गई तो सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।
जिस पटना में एंबुलेंस वाले 40 से 80 हजार तक किराया वसूलते थे अब उनकी खैर नहीं। इस कालाबाजारी के खिलाफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आपात बैठक बुलाई और आदेश दिया कि निजी एम्बुलेंस की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई करें, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और परिवहन विभाग ने कमेटी गठित कर नए दर की अनुशंसा की और नया दर निर्धारित किया साथ ही आदेश दिया। अगर कोई भी एजेंसी नियमों का उल्लंघन करती है तो आपदा एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।
स्वास्थ्य विभाग ने जो दर तय किया है उसमें सामान्य यानि नॉन एसी और एसी गाड़ियों के लिए अलग-अलग दरें रखी गई है। छोटी कार सामान्य 50 किमी तक आने जाने के लिए अब 1500 रुपया लगेगा। छोटी कार वातानुकूलित के लिए 50 किमी तक अब 1700 रुपया तक किराया देना होगा। बोलेरो, सूमो, मार्शल 50 किमी तक के लिए 1800, बोलेरो, सूमो, मार्शल वातानुकूलित के लिए 50 किमी तक 2100 रुपये का किराया देना होगा।
मैक्सी, सिटी राइड, विंगर जैसी गाड़ियों में 50 किमी के लिए 2500 रुपये, जाइलो, स्कॉर्पियो वातानुकूलित में 50 किमी के लिए 2500 रुपये का किराया मान्य होगा। छोटी गाड़ी के लिए 50 किमी से अधिक दूरी पर 18 रुपये प्रति किमी से किराया देना होगा। छोटी गाड़ी के लिए 50 किमी से अधिक दूरी पर 18 रुपये प्रति किमी किराया देना होगा।

दुलारी पर पूर्णिया विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति भी थे काफी मेहरबान, नौकरी के साथ साथ आवास भी कर दिया था आवंटित

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अनिल उरांव हत्याकाण्ड की सूत्रधार दुलारी के संपर्कितो तक जांच पहुंचने से और हो सकता है खुलासा

सोनभद्र संवाददाता , पूर्णिया ।लोजपा नेता अनिल उरांव हत्याकांड में शामिल प्रिंयका कुमारी उर्फ दुलारी खातुन उर्फ देवी के ऊपर पूर्णिया विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति मेहरबान रहे। प्रिंयका कुमारी उर्फ दुलारी खातुन पूर्णिया विश्वविद्यालय में केयर टेकर रूप भी कार्यरत थी । दुलारी विश्वविद्यालय में जो चाहती थी, वहीं होता था। बता दे कि पूर्णिया विश्वविद्यालय में कर्मचारी लिस्ट में प्रियंका उर्फ दुलारी खातुन उर्फ देवी को पूर्णिया यूनिवर्सिटी को कोसी कॉलोनी मिले क्वार्टर के केयर टेकर रूप में कार्यरत दिखाया गया है। पूर्णिया विश्वविद्यालय कर्मचारी लिस्ट मि दुलारी देवी का नाम है। जिसके नाम क्वार्टर आवंटित है। वहीं पूर्णिया विश्वविद्यालय आउट सोर्सिंग स्टाफ आरएसएस सर्विसेज ने प्रोवाइड कराया है। वहीं दुलारी देवी को पीयू ने 10 हजार 230 रुपया प्रति माह सैलरी जुलाई 2020 तक दिया है। यहां तक दुलारी देवी के उपर पूर्व कुलपति से खास संबंध होने के कारण दुलारी देवी ने अपनी पति राजा को पूर्व कुलपति का ड्राइवर भी बना रखा था । राजा की संविदा 2020 के अप्रैल माह में समाप्त भी हो गया, लेकिन उसे हटाने की बजाय विश्वविद्यालय ने आउटसोर्सिग के माध्यम से भुगतान कराकर कुलपति का चालक बनाए रखा। बता दे कि दुलारी देवी के नाम से आवंटित कोसी कॉलोनी निवास पर हीं लोजपा नेता अनिल उरांव की हत्या की साजिश दुलारी खातून और त्रिवेणीगंज निवासी मिट्ठू, मो. राहुल व मो. चुनमुन उर्फ राकेश के साथ मिलकर को अंजाम दिया था। फिरौती वसूलने की नियत से 29 अप्रैल को दुलारी खातून ने मिलने के बहाना बनाकर अनिल को कोसी कॉलोनी स्थित घर पर बुलाई थी। अनिल उरांव तथा कथित महबूबा दुलारी खातून दो मोबाइल का उपयोग करती थी। जिसके एक से सिर्फ अनिल उरांव से बात करती थी। दूसरे मोबाइल से अपने पति सहित इन दोस्तों से बात करती थी। केहाट थाना पुलिस ने दुलारी के घर एक मोबाइल बरामद किया था, इसके बाद ही सारा राज खुला था।


… दुलारी के मोबाइल कैद है कई सफेदपोशों के काले कारनामे
लोजपा नेता अनिल उरांव हत्याकांड में शामिल प्रिंयका कुमारी उर्फ दुलारी खातुन उर्फ देवी के पास से बरामद दो मोबाइल फोन एवं उसके काल डिटेल ने कई सफेदपोशों के काले कारनामे उजागर हुआ है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि दुलारी खातून ने अनिल उरांव को फोन कर बुलाने के बाद तुरंत आरोपी अंकित को बुलाया। दुलारी खातून के पूर्णिया सहित आसपास के कई जिलों के एक दर्जन से ज्यादा लोगों से लगातार बात होने की जानकारी कॉल डिटेल से मिली है। इसमें कई चेहरे हैं जो ना केवल सफेदपोश है बल्कि रसूख वाले भी है।

बिहार में भाजपा-जदयू के बीच जुबानी जंग के आखिर क्या हैं मायने ?

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  • दीपक कुमार दीपू:- बिहार में लॉकडाउन पर जदयू-भाजपा अब आमने-सामने की लड़ाई लड़ने लगी है। भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष ने साप्ताहिक कर्फ्यू लगाये जाने की मांग को खारिज करते हुए सरकार ने नाईट कर्फ्यू लगा दिया था। तब संजय जायसवाल ने नीतीश के निर्णय पर सवाल उठाया था। भाजाप प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने उन्हें राजनीति नहीं करने तक की नसीहत दे दी थी। इसके साथ ही दोनों दलों के बीच वाकयुद्ध की शुरुआत हो गई थी।
    उपेंद्र के बड़बोलेपन का जवाब देते हुए भाजपा आक्रामक तेवर में दिख रही है और लगातार हमला कर रही है। हलांकि उपेंद्र के बोलने के पीछे यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं न कहीं नीतीश की हामी होगी या फिर अपनी राजनीति चमकाने के लिए ऐसी चाल चल रहे हैं। भाजपा नेता प्रवक्ता अरविंद सिंह ने उपेन्द्र कुशवाहा पर निशाना साधते हुए कहा कि कुशवाहा के आंत में गांठ बता दिया है। हमारे प्रदेश अध्यक्ष ने तो पहले ही वीकेंड लॉकडाउन लागू करने की मांग की थी। अगर उस समय लग गया होता तो आज स्थिति कुछ और होती। लेकिन तब कुछ नेता जिनके आंत में गांठ है उन्हें दर्द होने लगा था और चक्रव्यूह में फंसने निकलने की बात करने लगे थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जदयू पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में लॉकडाउन लगा दिया गया है। अब मेरा नाम लेकर राजनैतिक बयानबाजी करने वाले नेताओं से भी उम्मीद है कि उन्हें जमीनी हकीकत समझ में आ रही होगी। हालांकि उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर साफ कर दिया कि उनका इशारा किसकी तरफ है।
  • बिहार के राज्यपाल ने बीते 17 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, ताकि कोरोना महामारी से बचाव के लिए जरुरी सुझाव लिए जा सकें। इसके बाद सरकार ने राज्य में नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस फैसले का विरोध करते हुए साफ कर दिया था इससे महामारी रोकने में किसी प्रकार का फायदा नहीं होगा। इसकी जगह तीन दिन का वीकेंड लॉकडाउन लगाना ज्यादा बेहतर होगा। संजय जायसवाल के इस बयान पर जदयू की तरफ के कड़ी प्रतिक्रिया दी गई।
    इस तरह से बिहार में एनडीए के दोनों बड़े दलों के बीच बढ़ते तनाव से लगता है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में कोई बड़ा खेल होने वाला है। या फिर कहीं नहीं कहीं इनके बीच दूरियां बढ़ने लगी है। अगर ऐसा नहीं है तो दोनों दलों के नेताओ के बोल पर पार्टी के आलाकमान आखिर क्यों चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। कहीं ऐसा तो नहीं लालू प्रसाद के बाहर आने की वजह से सियासी पारा में उबाल आने लगा है। वहीं पश्चिम बंगाल में ममता की दमदार इंट्री से कहीं भाजपा बौखलाहट में तो नहीं है या फिर सोए शेर जदयू को भाजपा की वहां हार की ताकत मिल गई है।

पूर्व मध्य रेल के लगभग 29 हजार रेलकर्मियों का हुआ टीकाकरण शीघ्र ही शत-प्रतिशत रेलकर्मियों को वैक्सीन कराया जाएगा उपलब्ध

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नीरज वर्मा :- कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए ट्रेनों के परिचालन सहित अन्य रेल गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहे इसके लिए रेल कर्मियों के व्यापक स्वास्थ्य हित में पूर्व मध्य रेल द्वारा कई कदम उठाए गए हैं । इसी क्रम में कोरोना संक्रमण से बचाव से जुड़े अन्य उपायों के साथ-साथ रेलकर्मियों के टीकाकरण पर काफी बल दिया गया है । इस दिशा में कार्य करते हुए 4 मई तक पूर्व मध्य रेल के कुल कर्मचारियों के लगभग 36 प्रतिशत रेलकर्मियों का टीकाकरण किया जा चुका है ।वैक्सीनेशन की दिशा में योजनाबद्ध ढंग से कार्य करते हुए 4 मई तक तक पूर्व मध्य रेल के मुख्यालय/मंडलों मैं कार्यरत कुल 81706 कर्मचारियों में से 28844 कर्मचारियों को विभिन्न रेलवे अस्पतालों में यह वैक्सीन दी गयी। इनमें मुख्यालय में कार्यरत 2564 अधिकारियों/कर्मचारियों में से 800 रेलकर्मियों का कोविड टीकाकरण किया गया। मंडलों में भी वृहत् टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है । दानापुर मंडल में 14640 रेलकर्मियों में से 4919, समस्तीपुर मंडल में 10804 रेलकर्मियों में से 3359, सोनपुर मंडल में 12820 रेलकर्मियों में से 5553, पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में 14722 रेलकर्मियों में से 3057 तथा धनबाद मंडल में कार्यरत 22401 रेलकर्मियों में से 9949 रेलकर्मी को कोरोना की वैक्सीन दी जा चुकी है। इसके अलावा हरनौत रेल कारखाना, निर्माण संगठन, प्लांट डिपो/पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल और समस्तीपुर वर्कर्शॉप के कुल 3755 रेलकर्मियों में से 1208 रेलकर्मियों का भी टीकाकरण किया जा चुका है ।वैक्सीनेशन की प्रक्रिया लगातार जारी है तथा शीघ्र ही शत-प्रतिशत रेल कर्मियों को वैक्सीन उपलब्ध कराया जाएगा ताकि रेलकर्मी बिना किसी भय के अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर सकें । इस दिशा में कार्य करते हुए पूर्व मध्य रेल द्वारा एक मोबाइल ऐप ‘स्पर्श‘ लॉन्च किया गया है जिसके माध्यम से अन्य चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ कोरोना वैक्सीन के लिए घर बैठे रेल कर्मी अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं । पूर्व मध्य रेल आम लोगों से भी अपील करती है कि वे कोविड टीकाकरण में भाग लेते हुए कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में अपना योगदान दें।

समस्तीपुर रेल मंडल में 321 संक्रमित 8 की मौत
समस्तीपुर रेल मंडल में अब तक 321 रेलवे कर्मचारी और उनके परिजन कोरोना संक्रमित मिले हैं अब तक 8 की मौत हो चुकी है रेल मंडल के सीएमएस सुबोध कुमार मिश्रा ने बताया कि रेल कर्मचारियों में संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। रनिंग स्टाफ को वैक्सिंग देना पहली प्राथमिकता है।

बिहार में लगा 15 मई तक लॉकडाउन, मुख्यमंत्री ने की घोषणा

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पटना: बिहार में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए बिहार में लॉकडाउन लगाने का फैसला राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी गई है। बिहार में 2021 का पहला पूर्ण लॉकडाउन 15 मई तक लगाया गया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आपदा प्रबंधन के साथ बैठक के साथ बिहार में 15 मई तक पूर्ण लॉकडाउन लगाने के फैसला लिया है। इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पटना में घूमने के बाद इस बात की संभावना जताई जा रही थी। बिहार में अब तक सिर्फ नाइट कर्फ्यू और कोरोना गाइडलाईन के तहत बाजार के दुकानों को खोलने के लिए कुछ प्रतिबंध लगाया गया था। साथ ही कार्यालयों में सिर्फ 25 फीसदी कर्मियों के आने की अनुमति दी गई थी। लेकिन इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने तथा अस्पतालों की खराब हालत को देखते हुए पूर्ण लॉकडाउन की मांग तेज हो गई थी। यहां तक कि हाईकोर्ट ने भी सरकार से पूछा था कि वह कब लॉकडाउन लगा सकते हैं। इस तरह बिहार की स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन लगाने का सरकार ने निर्णय लिया है। अब जरुरत है कि सरकार की गाइडलाइन को आम जनता को भी फॉलो करने की जरुरत है।

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