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द्विअर्थी गानों पर बार-बालाओं ने लगाए ठुमके, वीडियो वायरल

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  • छातापुर के माधोपुर पंचायत में
    नाइट कर्फ्यू की उड़ी धज्जियां

प्रवीण गोविन्द, सुपौल : देश ही नहीं पूरा विश्व आज कोरोना महामारी की चपेट में है। हजारों लोगों की मौत हो गई है, लाखों-लाख संक्रमित हैं। बड़ी संख्या में मजदूर सड़क पर है। बच्चे भूख से बिलबिला रहें हैं, त्राहिमाम और हाहाकार का आलम है। प्रलयकाल है, सुनी सड़कों पर मरघट सा सन्नाटा है। इस विकराल परिस्थिति में छातापुर थाना क्षेत्र के माधोपुर पंचायत में बार बालाओं से
डांस करवाया गया। रात में फुल वॉल्यूम पर डीजे की धुन पर बार-बालाओं का अश्लील डांस चलता रहा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।

छातापुर के थानाध्यक्ष को भनक तक नहीं

इस दौरान खुलेआम कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई गयीं। ताज्जुब नहीं कि आशय की भनक तक छातापुर के थानाध्यक्ष को नहीं है। सूत्र बताते हैं कि यहां कोई सार्वजनिक आयोजन नहीं था। कोई डीजे वाला इसका आयोजन अपने डीजे के प्रचार- प्रसार के लिए किया था। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की बात कौन करे, किसी ने मास्क तक नहीं लगाया था। वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि नर्तकियां द्विअर्थी गानों पर ठुमके लगा रही हैं। लेकिन; सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखाने की सम्बंधित थानाध्यक्ष को जानकारी तक नहीं है। इस मुत्तलिक छातापुर थानाध्यक्ष अभिषेक अंजन ने पूछे जाने पर अनभिज्ञता जताई। बोले,मेरे संज्ञान में ऐसा किसी तरह का वीडियो नहीं आया है। इलाके में यह वीडियो चर्चा का विषय है और थानाध्यक्ष महोदय को जानकारी तक नहीं है, कहीं उनका सूत्र तो कमजोर नहीं है? अगर ऐसा है तो यह ठीक बात नहीं है। इस कोरोना काल में सरकारी निर्देशों का पालन के मद्देनजर पुलिस कप्तान मनोज कुमार दिन-रात एक किए हुए हैं, ऐसे में थानाध्यक्ष को जानकारी नहीं रहना कई सवाल खड़े कर रहे हैं।

सरकार व प्रशासन के निर्देशों का पालन आवश्यक

कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन, भीड़ इकट्ठा कर बार- बालाओं से डांस करवाना, कानून की धज्जियां उड़ाना सवाल तो खड़े कर ही रहे हैं। निश्चित तौर पर अभी की स्थिति में सरकार व प्रशासन के निर्देशों का पालन आवश्यक है। ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए और इस जघन्य कुकृत्य की सजा मिलनी चाहिए। लेकिन सवाल उठता है कि जहां रक्षक ही निश्चिन्त हो वहां…!

क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी ?

बहरहाल, जिस किसी ने भी सरकारी नियमों को तोड़ा है, यह घोर निंदनीय अपराध है। देशहित के विरुद्ध, जनहित के विरुद्ध अक्षम्य अपराध है, मूर्खता है। इस प्रकरण में क्या होगा यह तो अभी समय के गर्भ में है, लेकिन इस बात की चर्चा जोरों पर है कि दोषियों पर गाज गिर सकती है। लोगों की निगाहें सुपौल के तेज-तर्रार व कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कप्तान मनोज कुमार पर टिकी हुई है। देखना है कि उक्त मामले में एसपी साहेब क्या करते हैं। बता दें कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन को खत्म किया जा चुका है लेकिन नाइट कर्फ्यू जारी है। गाइड लाइंस के मुताबिक, नाइट कर्फ्यू में बेवजह घर से निकलना और भीड़ इकट्ठा करने पर पाबंदी है। अब सवाल उठता है कि क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी। कुल मिलाकर सरकार के साथ ही सुपौल जिला प्रशासन कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए काफी गंभीर है। वायरस पर ब्रेक लगाने के लिए राज्य में नाइट कर्फ्यू लागू है। इसके बाद भी लोग नियमों को मानने के लिए तैयार नहीं हैं।

इनकी सुनिए

समाजसेवी डॉ अमन कुमार ने कहा कि वीडियो हमने भी देखी है। ये कहीं से भी सही नहीं है। इस महामारी में इस तरह से लड़कियों को नचवाना सरासर गलत है।

कोरोना की जंग हम जीत जाएंगे।

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टीचर्स ऑफ़ बिहार : लैट्स टॉक कार्यक्रम में कोविड-19 वैक्सीनेशन से जुड़े सबसे बड़े परिचर्चा कार्यक्रम पर चर्चा 12 जून को

अररिया । टीचर्स ऑफ़ बिहार द्वारा लैट्स टॉक कार्यक्रम में कोविड-19 वैक्सीनेशन से जुड़े सबसे बड़े परिचर्चा कार्यक्रम पर चर्चा।टीचर्स ऑफ बिहार द्वारा शनिवार 12 जून 2021 को ग्यारह बजे टीचर्स ऑफ बिहार के फ़ेसबुक पेज पर लैट्स टॉक कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा जिसमे मुख्य विषयो पर चर्चा की जायेगी।टीचर्स ऑफ़ बिहार द्वारा लैट्स टॉक कार्यक्रम में कोविड-19 के साथ जारी जंग में और शामिल होइए संयुक्त राष्ट्र (UN) के पहल ‘वेरीफाइड’ के समर्थन में आयोजित एक्सक्लूसिव Let’s Talk कार्यक्रम में जहां होगा-
कोविड-19 वैक्सीनेशन से जुड़े मिथकों/ भ्रामक सूचनाओं का पर्दाफाश।
जमीन से जुड़े प्रख्यात विशेषज्ञों, डॉक्टर एवं जर्नलिस्ट के साथ कोविड-19 की समस्याओं को लेकर विस्तृत वार्ता।
कोविड-19 के संक्रमण काल में मीडिया के भूमिका पर विस्तृत चर्चा।
कोविड-19 वैक्सीनेशन से संबंधित हर जानकारी और आने वाली चुनौतियों पर दर्शकों के सवालों का सीधा जवाब।
तो हाथ से हाथ मिलाए और शामिल हो जाएं बिहार में कोविड-19 वैक्सीनेशन से जुड़े सबसे बड़े परिचर्चा कार्यक्रम में क्योंकि “कोरोना की जंग हम जीत जाएंगे।
मिलकर सब वैक्सीन लगवाएंगे।इत्यादि महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा की जायेगी।उपयुक्त बातों की जानकारी मोडरेटर गणेश तिवारी ने दी।

न्यायालय के आदेश को नहीं मानती सदर थाना पुलिस

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पूर्णिया में एक और जहां पुलिस अधीक्षक दयाशंकर अपनी कार्यशैली से आम आवाम पर विश्वास कायम करने की कोशिश कर रहे हैं । वही दूसरी ओर कुछ भ्रष्ट और लापरवाह पुलिसकर्मी उनके इस मंसूबे पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं। ऐसे पुलिस कर्मियों के लिए न्यायालय का आदेश कोई मायने नहीं रखता है। यही वजह है कि सदर थाना का एक दरोगा जितेंद्र प्रसाद इतने मन बढू हो गए हैं कि न्यायालय द्वारा जमानत पर रहने वाले शहरी को भी बंदूक की नोक पर थाना उठाकर ले आते हैं और उनपर दूसरे पक्ष के मुकदमा कर्ता से धमकी दिलवाते है।मजे की बात तो यह है कि अग्रिम जमानत ले चुके जमानतदार द्वारा जब दुबारा न्यायालय जमानततीय आदेश की कॉपी प्रस्तुत की जाती हैं तो उक्त दरोगा द्वारा उसे नजरअंदाज कर लिया जाता हैं। इतना ही नहीं उक्त दरोगा द्वारा न्यायालय के आदेश को ना मानते हुए मुकदमा करने वाले दूसरे पक्ष को थाना बुलवाया जाता है और जमानतदार कुमार आकाश पर धमकी और दबाव बनाने का खेल किया जाता हैं। जब उक्त दरोगा को अधिवक्ताओं ने कागजात प्रस्तुत कर दबाव बनाया तब हुए थाना से छोड़ने को तैयार तो हुए । लेकिन इसके लिए भी उन्होंने शर्त यह रखा की न्यायालय से प्राप्त जमानतदार को मेरे थाना से छुटने के लिए उसकी धर्मपत्नी को ही थाना आना पड़ेगा अन्यथा मैं न्यायालय के किसी आदेश या कागजात को नहीं मानूंगा। इस संबंध में पुलिस उपाधीक्षक एवं थाना अध्यक्ष को भी विभिन्न सूत्रों से उक्त असंवैधानिक कार्य की सूचना दी गई।

लेकिन हुआ वही जो वो दरोगा चाह रहा था उसके द्वारा सदर थाना कांड संख्या 370 / 20 मैं जमानत ले चुके कुमार आकाश को अपने घर से धर्मपत्नी को बुलाना पड़ा। आखिर पुलिस अपराधियों की तरह क्यों कुमार आकाश को पिस्टल के बल पर जमानत के बावजूद उसके घर से उठा कर लाई और दूसरे पक्ष से दबाव और धमकी दिलवाने का काम की। पूरा मामला जांच का विषय है। अगर पुलिस अधीक्षक एवं वरीय पुलिस अधिकारी ऐसे बेलगाम दरोगाओं पर ठोस कार्रवाई नहीं करते हैं तो निश्चित रूप से रुपया के बल पर दोहन और झूठा मुकदमा करके परेशान करने वालों का मनोबल जहां बनेगा वही पुलिस के प्रति आम लोगों का विश्वास एक बार फिर कमजोर पड़ जाएगा।

नशीली दवाई खिलाकर मौसेरे भाई ने किया दुष्कर्म

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विरोध करने पर जान से मारने की मिली धमकी

कटिहार- मौसेरे भाई ने नशीला दवा खिलाकर बहन के साथ 9 दिनों तक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। जिसे लेकर पीड़िता और परिजनों के द्वारा पुलिस अधीक्षक अररिया, पुलिस अधीक्षक रेल कटिहार, पुलिस महानिरीक्षक पूर्णिया एवं पुलिस महानिदेशक बिहार पटना को आवेदन दिया है। इस मामले को लेकर पीड़िता ने बताया कि 15 मई को कटिहार सहायक थाना क्षेत्र के मैथिल टोला निवासी मौसेरा भाई अभय कुमार रंजन उनके घर बरारी प्रखंड के लक्ष्मीपुर गांव पहुंचे हुए थे। जहां उन्होंने अपनी पत्नी का बीमारी का बहाना बनाकर पीड़िता को ले जाने की बात कही। जिस पर पीड़िता की मां ने अपने छोटे बेटे के साथ उसे दो-चार दिनों के लिए घर जाने दिया। लेकिन अभय रंंजन उसे अपने घर ना ले जाकर अररिया जिलेे के कुसियार गांव स्थित रेलवे क्वार्टर लेकर पहुंचे। जहांं पीड़िता ने अभय रंजन से पूछा कि यहां पर भाभी और बच्चे नहीं है। जिस पर अभय नेे कहा कल उसे ले आएंगे। इसी दौरान अभय रंजन ने चाय और बिस्किट पीड़िता को खाने के लिए दिया। चाय पीने के बाद पीड़िता बेहोश हो गई। जब पीड़िता को होश आया तो उसे लगा उसके साथ कुछ गलत हुआ है। जब इसका विरोध उसने अभय रंजन से किया तो उसकेे द्वारा बेहोशी की हालत में दुष्कर्म करने का वीडियो उसे दिखाया गया और उसेे धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे और तुम्हारेेे भाई को जान सेेे मार देंगे। यह सिलसिला लगातार नौ दिनों तक चलता रहा। बाद में पीड़िता ने अभय रंजन से कहा कि इस बात को वह किसी को नहीं बताएगी और उसे घर जाने दे। इसका वादा करने पर अभय रंजन ने उसेे पूर्णिया लाकर छोड़़ दिया। वहां से पीड़िता अपने भाई के साथ घर पहुंची। लेकिन 2 दिनों तक घर में वह खामोश अवस्था में पड़ी रही। जब उसके मां ने उसकी खामोशी के बारे में पूछा तो तब पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना के बारे में उन्हें बताया। इसकेे पश्चात पीड़िता और उनके परिजनों ने पुलिस अधीक्षक अररिया, पुलिस अधीक्षक रेल कटिहार, पुलिस महानिरीक्षक पूर्णिया एवं पुलिस महानिदेशक बिहार पटना को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाया गया है। फिलहाल इस घटना में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिससे पीड़िता और उसके परिजन दहशत में जी रहे हैं।

कोरोना से हुई मौत के बाद भटकती आत्माओं का फल्गु नदी पर हुआ सामूहिक पिंडदान

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गयाः पूरी दुनिया में वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से हुई मौत के बाद भटकती आत्माओं की मुक्ति मार्ग प्रशस्त करने के लिए आज मोक्ष धाम गयाजी के अंतः सलीला फल्गु नदी के तट पर सामूहिक पिंडदान कर उनकी आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए मार्ग प्रशस्त की। गया पाल पंडा मुक्तिधाम गया जी के देवघाट विष्णुपद मंदिर के निकट पूरे कर्मकांड और अनुष्ठान के साथ तर्पण और पिंडदान का कार्य गया जी के पंडा समाज और स्थानीय समाजसेवियों द्वारा मंत्रोच्चार धर्म ध्वनि के साथ हुआ।इस पिंडदान के आयोजन को लेकर लोगो ने बताया कि इस साल कोरोना के कारण बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। लेकिन कई ऐसे परिवार रहे हैं, जिनके घर में सही तरीके से अंतिम संस्कार नहीं किया गया, इस सामूहिक पिंडदान से उन सभी की आत्मा की शांति के लिए पूजा किया गया है। कोरोना के कारण कई बार यह देखा गया कि कई लोग ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के मरने के बाद उनके क्रिया कर्म नहीं किया है। आज देश में उस सभी परिवारो के नाम पर पिंडदान का आयोजन किया गया। हर साल ज्ञान एवं मोक्ष की नगरी गया जी मे पितृपक्ष मेला लगता है, जिसमें देश- विदेश से बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने आते हैं। मान्यता है कि फल्गू में पिंडदान करने से मृतक की आत्मा को शांति मिलती है। श्री शिवानंद सत्संकल्प फाउंडेशन द्वारा श्री जी मनोहर लाल प्रमुख संरक्षक आंध्र तेलंगाना भवन एवं परम गुरु सतगुरु श्री कंदुकुरी शिवानंद मूर्ति जी के तत्वावधान में सामूहिक पिंडदान का आयोजन किया गया है।

कोरोना काल मे सरपंच ने डांसर के साथ अश्लील गीतों पर लगाए ठुमके

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 सोशल डिस्टेंस की उड़ी धज्जियां, वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने लिया संज्ञान

सुनील यादव गुड्डू /सुपौल। आज जब लोग वैश्विक महामारी कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। ऐसे समय में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बेपरवाह होकर कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ा रहे हैं।  खास कर जिनके कंधों पर कोरोना को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी है। वैसे जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी  अश्लील डांस पर डांसर के साथ ठुमके लगाने लगे, सो चर्चा स्वाभाविक है।ऐसे ही एक घटना का वीडियो वायरल इन दिनों लोगों में चर्चा का विषय बन गया है। डांसर के साथ ठुमके लगाने वाले सरपंच साहब हैं। जो एक शादी समारोह में डांसर के साथ भोजपुरी गानों पर ठुमके लगा रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान  वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से सरपंच का कृत्य चर्चा का विषय बन गया। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में नर्तकी के साथ ठुमके लगा रहा व्यक्ति त्रिवेणीगंज प्रखंड क्षेत्र के कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत के वर्तमान सरपंच कपिलदेव यादव हैं। जो एक शादी समारोह में बैंड बाजे में भोजपुरी गानों पर डांसर के साथ ठुमके लगा रहे हैं।सरपंच साहब लॉकडाउन में  कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनना औऱ लोगों से सोशल डिस्टेंस बनाकर रखना जरूरी नहीं समझते।स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार सरपंच साहब के भोजपुरी गानों पर डांसर के साथ ठुमके लगाने वाला यह वीडियो 6 जून की रात का है। जिसमें सरपंच एक शादी समारोह में डांसर के साथ भोजपुरी गानों पर ठुमके लगा रहे हैं। हालांकि जानकारी मिली है कि उन्होंने अपनी गलती का अहसास किया है। और यह भी कहा है कि कोरोना महामारी काल के दौरान उनसे यह गलती हुई है। कहा कि समाज में सब माहौल में रहना पड़ता है।
लेकिन जैसे ही वीडियो वायरल हुई तो पुलिस मामले की गंभीरता को देखते तुरंत एक्शन मोड में आ गई। जदिया थानाध्यक्ष राजेश कुमार बताया कि मामले को लेकर महामारी एक्ट औऱ नियम के उल्लंघन के मामले में वरीय अधिकारियों से प्राप्त निर्देश के आधार पर डांसर के साथ डांस कर रहे सरपंच कपिलदेव यादव औऱ आसपास मौजूद अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।

बंगाल की खाड़ी इलाके में उष्णकटिबंधीय चक्रवात की चेतावनी

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पटना ।भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ऐसी सटीक तकनीक का पता लगाया है, जो उत्तर हिन्द महासागर क्षेत्र के ऊपर बनने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का पता उपग्रह की सूचना से भी पहले लगा लेगी।
उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का पहले पता लग जाने का सामाजिक-आर्थिक हालात पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ेगा। अब तक दूर संवेदी तकनीक के जरिये ही उनका पता सबसे तेजी से लगाया जाता रहा है। बहरहाल, इस दूर संवेदी तकनीक से पता लगाना उसी समय संभव होता था, जब समुद्र के पानी की ऊपरी सतह गर्म हो और कम दबाव का क्षेत्र बन रहा हो। इसका पता लगाने और चक्रवात के वजूद में आने के बीच काफी लंबा अंतराल होता है, जिससे तैयारी करने का वक्त मिल जाता है।
समुद्री सतह पर गर्म वातावरण बनने के हवाले से चक्रवात के वजूद में आने से पहले, वातावरण में अस्थिरता आने लगती है और हवा भंवरदार बनने लगती है। इस गतिविधि से वातावरण में उथल-पुथल शुरू हो जाती है। इस तरह के बवंडर से जो वातावरण बनता है, वह आगे चलकर तेज तूफान को जन्म देता है तथा समुद्र की सतह के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन जाता है। तेज तूफान आने की संभावना का इन्हीं गतिविधियों से पता लगाया जाता है।
आईआईटी खड़कपुर के जिया अल्बर्ट, बिष्णुप्रिया साहू और प्रसाद के. भास्करन जैसे वैज्ञानिकों के दल ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से जलवायु परिवर्तन कार्यक्रम (सीसीपी) के तहत एक नई तकनीक ईजाद की है। इसमें बवंडर का सुराग लगाने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है और उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय चक्रवात बनने की स्थिति और उसकी पूर्व-चेतावनी दी जा सकती है। अनुसंधानकर्ताओं ने इस विषय पर ‘एटमॉसफेरिक रिसर्च’ नामक पत्रिका में अपना शोध प्रकाशित किया है।
वैज्ञानिकों ने जो तकनीक विकसित की है, उसका मकसद है कि तूफान आने से पहले ही बंवडर और भंवरदार हवा का सुराग लगा लिया जाये। वैज्ञानिक इसकी पहचान और भंवरदार हवा का विश्लेषण करने के लिये दो चीजों के बीच की न्यूनतम दूरी को आधार बनाते हैं। इसका पैमाना 27 किलोमीटर और नौ किलोमीटर का है। इससे बनने वाली तस्वीर का मूल्यांकन करके पता लगाया जाता है कि तूफान की भावी दशा और दिशा क्या हो सकती है। इस अध्ययन में मानसून के बाद आये चार भयंकर तूफानों को विषय बनाया गया था – फाइलिन (2013), वरदाह (2013), गाजा (2018), मादी (2013) और दो तूफान मानसून के बाद आये – मोरा (2017) तथा आयला (2009), जो उत्तर हिंद महासगार के ऊपर बने थे।
वैज्ञानिकों के दल ने गौर किया कि इस तकनीक से कम से कम चार दिन (लगभग 90 घंटा पहले) पहले तूफान के आने का पता लगाया जा सकता है कि वह कब बनेगा। इसमें मानसून से पहले और बाद, दोनों समय आने वाले तूफान शामिल हैं। उष्णकटिबंधीय चक्रवात वातावरण की ऊपरी सतह पर पनपते हैं और पूर्व-मानसून काल के हवाले से जल्दी पकड़ में आ जाते हैं, जबकि मानसून पश्चात इसे इतनी तेजी से नहीं पकड़ा जा सकता। इस अध्ययन में बवंडर और भंवरदार हवा की गहन पड़ताल की गई, उनके व्यवहार को जांचा-परखा गया तथा आम दिनों के वातावरण के साथ इसके नतीजों की तुलना की गई।
इस तकनीक से उष्णकटिबंधीय चक्रवात का वातावरण में ही सुराग लगाया जा सकता है। यह तकनीक समुद्री सतह के ऊपर की हलचल को उपग्रह द्वारा पकड़ने से भी तेज है।

चोरों का बढ़ा मनोबल आमलोगों के साथ साथ एडीजे 2 के घर को बनाया निशाना

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अब एडीजे टू के घर में चोरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर ली है। मजिस्ट्रेट कॉलोनी से कुछ ही दूरी पर शहर के पांच अलग अलग थेन है। इसके बावजूद जिस तरह मजिस्ट्रेट कॉलोनी में चोरी की घटना हुई है इससे लोग काफी सन है। बता दे कि बीती रात के हाट थाना क्षेत्र के मजिस्ट्रेट कॉलोनी में स्थित पूर्णिया एडीजे टू अखिलेश कुमार सिंह के घर में चोर ने लाखों रुपए की संपत्ति की चोरी कर ली।एडीजे 2 व स्पेशल एक्साइज जज अखिलेश सिंह  अपने मां का इलाज कराने 3 जून को बनारस गए हुए हैं। इसी बीच बंद घर में चोरों ने रेकी कर चोरी की बड़ी घटना को अंजाम दिया है। एडीजे के स्टाफ संजीव कुमार ने कहा कि 40 हजार नगद, लाखों की ज्वैलरी , लैपटॉप, टैब समेत लाखों रुपए की संपत्ति की चोरी हुई है। सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ केहाट पुलिस और डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर पहुंच कर जांच कर रही है। वहीं आवास पर ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवान सत्यनारायण यादव ने कहा कि वह अपने क्वार्टर में मौजूद थे।  पीछे की तरफ से दीवाल तोड़कर चोर अंदर घुसकर चोरी की घटना को अंजाम दिया है। जिसका उन्हें पता नहीं चल पाया। चोरी की सूचना मिलते ही जांच के लिए पहुंचे प्रशिक्षु डीएसपी सा खजांची हाट थाना प्रभारी आनंद मोहन गुप्ता ने कहा कि जज आवास में चोरी की सूचना मिली है। वे लोग जांच के लिए पहुंचे हैं और जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा।

नीतीश कैबिनेट का फैसला, ‘मुखिया जी’ 15 जून के बाद परामर्शी समिति के होंगे अध्यक्ष

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को बिहार कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। कैबिनेट मीटिंग वर्चुअल माध्यम से हुई। मंत्रिपरिषद की बैठक में सभी मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। मंगलवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी है। नीतीश कैबिनेट ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में परामर्शी समिति में अध्यक्ष-सदस्य नामित करने वाले प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।बिहार कैबिनेट की बैठक में पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव परामर्शी समिति में अध्यक्ष-सदस्य बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। पंचायत के मुखिया जी अब पंचायत परामर्शी समिति के अध्यक्ष होंगे।वहीं जिला परिषद के अध्यक्ष जिला परिषद परामर्श समिति के अध्यक्ष तो प्रमुख पंचायत समिति परामर्शी समिति के अध्यक्ष होंगे। त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्था का कार्यकाल 15 जून को खत्म हो रहा है  फिर भी पंचायत प्रतिनिधि काम करते रहेंगे। चुनाव होने तक सिर्फ नाम में परिवर्तन होगा। 16 जून से सभी पंचायत प्रतिनिधि परामर्श समिति के अध्यक्ष या सदस्य के तौर पर काम करेंगे। पंचायती राज विभाग ने परामर्शी समिति के गठन का प्रस्ताव पर आज कैबिनेट में मुहर लग गई। अगला चुनाव होने तक यह वैकल्पिक व्यवस्था बनी रहेगी । वार्डो में गठित प्रबंधन एवं क्रियान्वयन समिति भी काम करती रहेगी। बता दें कि बिहार में 38 जिला परिषद, 534 पंचायत समिति और 8386 ग्राम पंचायत है। 16 जून से इन सभी पंचायती राज संस्थाओं में जनप्रतिनिधि परामर्शी समिति के अध्यक्ष या सदस्य कहे जाएंगे।

रात्रि कर्फ्यू के आदेश के साथ बिहार में लॉकडाउन समाप्त

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बिहार में लॉकडाउन को खत्म कर दिया गया है। अब शाम 7 से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। निजी वाहन से आवागमन हो सकेगा। ऑनलाइन शैक्षणिक कार्य भी होंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर जानकारी दी। दुकानें शाम 5 बजे तक खुलेंगी।लॉकडाउन खत्‍म करने के बारे में निर्णय बिहार के आपदा प्रबंध समूह की बैठक में हुआ। सीएम नीतीश ने लॉकडाउन खत्‍म करने के ऐलान के साथ ही अपने ट्वीट में कहा कि लॉकडाउन में कोरोना संक्रमण में कमी आई है। इस वजह से लॉकडाउन खत्‍म करते हुए शाम सात बजे से सुबह पांच बजे तक रात का कर्फ्यू जारी रहेगा। सरकारी और निजी कार्यालयों में शाम चार बजे तक काम होगा। सिर्फ 50 प्रतिशत अधिकारियों-कर्मचारियों को ही बुलाया जा सकेगा। दुकानों के खुलने की अवधिक शाम पांच बजे तक बढ़ा दी गई है। 

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