Home Health कोरोना मरीजों के लिए देवदूत बने विधान पार्षद दिलीप कुमार जायसवाल 

कोरोना मरीजों के लिए देवदूत बने विधान पार्षद दिलीप कुमार जायसवाल 

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दीपक कु दीपू – प्रधान संपादक , सोनभद्र एक्सप्रेस।

दीपक कुमार दीपू। पूरा भारत इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है। ऐसे में कई लोग मरीजों की जिंदगियां बचाने के लिए मसीहा बनकर आ रहे हैं। ऐसे ही एक जनप्रतिनिधि जो कई लोगों को जिंदगी देकर समाज में मसीहो बन गए हैं। हलांकि वो खुद को मसीहा कहे जाने से परहेज करते हैं। कहते हैं यह मेरा फर्ज है, जो जनसेवा कर रहा हूं। हम बात कर रहे हैं किशनगंज मेडिकल कॉलेज के निदेशक एवं विधान पार्षद सह भाजपा नेता दिलीप कुमार जायसवाल की। इन्होंने अपनी मेहनत और लगन से मानवता की सच्ची मिसाल पेश कर रहे हैं। इन्होंने यह भी साबित कर दिया है कि मानव सेवा ही सच्ची सेवा है। इससे बढ़कर कोई सेवा नहीं है।कोरोना महामारी के इस दौर में जनसेवा के प्रति भाजपा नेता दिलीप कुमार जायसवाल  संवेदनशील हैं। ऐसे तो विधान पार्षद श्री जायसवाल मेडिकल कॉलेज के माध्यम से हमेशा गरीबों की सेवा करने में विश्वास करते हैं और आशा है उनकी इस मदद करके मानव सेवा को मूर्त रूप देने पर किसी प्रकार की कोताही नहीं बरत रहे हैं। किशनंगज में तो जो सुविधाएं मुहैया करा रहे थे, उसके अलावे पूर्णिया जैसे जिले के पीड़ित लोगों की सेवा के लिए भी इन्होंने कदम बढ़ाया पचास जंबो साईज आक्सीजन सिलेंडर, रेमडेसिविर मेडिसिन के अलावे अन्य सुविधाएं भी मुहैया करा रहे हैं।

इस बार कोरोना संकट में जो उन्होंने ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध करा कर सैकड़ों जिंदगियों को बचाया है उसकी चर्चा सीमांचल सहित बिहार में हो रही है। बिहार में सत्तारूढ़ दल के कई नेता काफी संपन्न और सक्षम हैं लेकिन दिलीप जायसवाल द्वारा किया गया कार्य वर्तमान में एक मिसाल बन गया है। कोरोना  काल के इस विकट परिस्थिति में जो तत्परता और संवेदनशीलता दिलीप जायसवाल के द्वारा दिखायीं गयीं उससे बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे सहित बिहार के मंत्रियों को सबक लेने की जरूरत है। पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज में अचानक ऑक्सीजन सिलिंडर को लेकर हाहाकार मच गया था 300 से अधिक जिंदगियां दांव पर चली गई थी अस्पताल प्रशासन द्वारा दोनों हाथ खड़े कर दिए गए थे स्वास्थ्य विभाग पंगु बन चुका था ऐसी परिस्थिति में देवदूत बनकर विधान पार्षद दिलीप जायसवाल ने कमान अपने हाथ में ली और सभी जिलों में तत्परता से सिलेंडर भिजवा कर निजी एवं सरकारी अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे मरीजों को जहां जिंदगी दी वहीं उनके परिजनों के चेहरों पर खुशियां लौट आई। दिलीप जायसवाल किस कार्य की चहूं ओर  प्रशंसा हो रही है। इस कार्य के लिए इतनी बड़ी लेख का उद्देश्य नहीं है कि किसी व्यक्ति की महिमामंडित की जाए लेकिन इस कार्य के बाद भी संवेदन शून्य व्यक्तियों तक गूंज पहुंचाना जरूरी है ताकि हजारों जिंदगियों को सांसे मिल सके जब एक व्यक्ति एक बार ठान लेता है तो इतनी जिंदगियां बच जाती है अगर बिहार के दर्जनों मंत्री यह बीड़ा उठा ले तो शायद लाखों जिंदगियां जो अभी मौत से जूझ रही है उन्हें पल में दवा सुई एवं सिलिंडर उपलब्ध कराकर जिंदगी दी जा सकती है। इन हालातों को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि किशनगंज मेडिकल कॉलेज के निदेशक एवं विधान पार्षद सह भाजपा नेता दिलीप कुमार जायसवाल ने सच में यह साबित कर दिया है कि मानवता की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर जो सवाल खड़े हो रहे हैं उसमें परिवर्तन करने के लिए भाजपा को भी ऐसे लोगों को आगे करना चाहिए ताकि एक मिसाल साबित हो।

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