देहरादूनः चार धाम यात्रियों की मौतों के आंकड़े के मद्देनज़र केंद्र के निर्देश पर राज्य का स्वास्थ्य विभाग रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है। वहीं, अब राज्य सरकार कई एहतियाती कदम उठा रही है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री चारों धाम चूंकि 10,000 फीट से ज़्यादा ऊंचाई पर स्थित हैं इसलिए यहां आने वाले यात्रियों के लिए एडवाइज़री जारी की गई है। उत्तराखंड में 3 मई से शुरू हुई चार धाम यात्रा में एक हफ्ते में कम से कम 20 यात्रियों की मौत होने के मामले पर केंद्र सरकार ने चिंता ज़ाहिर की है। केंद्र ने उत्तराखंड सरकार से इस बारे में रिपोर्ट तलब की है। वहीं, मौतों के इस आंकड़े के बाद राज्य का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आया है और अब कई इंतज़ाम किए जा रहे हैं। डायबिटीज़, हाईपरटेंशन, बीपी और दिल के अन्य रोगों से ग्रस्त लोगों को मेडिकल सर्टिफिकेट और डॉक्टर का संपर्क साथ रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सेहत संबंधी सहायता या जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 104 जारी किया है। पूरे यात्रा रूट पर 200 डॉक्टरों की तैनाती के दावे के बावजूद यात्रियों की मौतें इंतजामों पर सवाल उठा रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री धनसिंह रावत ने बताया फाटा, गुप्तकाशी, गंगोत्री और यमुनोत्री रोड में कुल मिलाकर आठ मॉडर्न एंबुलेंस तैनात की जा रही हैं। ये एंबुलेंस एडवांस सपोर्ट सिस्टम और डॉक्टरों व स्टाफ से लैस होंगी। चार धाम खुलने के साथ ही मौसम बदलने से यात्रियों की सेहत पर असर दिखा है। वहीं, चमोली से नितिन सेमवाल ने बताया कि बद्रीनाथ धाम की यात्रा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की 19 टीमें बनाई हैं, जिनमें 4 से 5 डॉक्टर यात्रा रूटों पर तैनात किए गए हैं।

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