पटना । सियासत में अक्सर ही राजनीतिक पार्टीयों पर पोजिशन और टिकट बांटने के एवज में घुस लेने के आरोप लगते रहे हैं। टिकट के बदले भारी रकम या कीमती जमीन उपहार के नाम पर ऐंठने की बात भी आपने सुनी है। मगर युवा राजद के जिला अध्यक्ष ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पर पार्टी पोजिशन पर बनाए रखने के बदले घूस में कतरनी चूड़ा लेने के जो आरोप लगाए हैं। उससे न सिर्फ राजद की किरकिरी हो रही है बल्कि इन आरोपों पर सियासत का लाफ्टर विवाद शुरू हो गया है।सवाल इसलिए भी कि क्या कोई सियासी पार्टी किसी कार्यकर्ता को बेहतर पोजिशन देने के बदले इस हद तक जा सकती है। दरअसल भागलपुर के युवा राजद अध्यक्ष अशफाक आलम और नवगछिया के युवा जिला अध्यक्ष कांतेश कुमार उर्फ टीनू यादव के संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भागलपुर युवा राजद जिलाध्यक्ष अशफाक आलम व नवगछिया युवा राजद जिलाध्यक्ष कांतेश कुमार उर्फ टीनू यादव के अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कारी सोहेब, प्रदेश प्रवक्ता अरुण यादव जैसे शीर्ष नेतृत्व पर मढ़े गंभीर आरोपों के बाद कई सवाल उठ खड़े हुए हैं।वहीं इससे पहले शनिवार को राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ङ्क्षसह ने दोनों जिलाध्यक्ष को निष्क्रियता के आरोप में युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष की अनुशंसा पर पदमुक्त करने का पत्र जारी किया था। दोनों पर आरोप है कि जब से ये दोनों जिला अध्यक्ष बने। न तो जिला कमेटी का विस्तार किया और ना ही प्रखंड अध्यक्ष बनाए गए। इससे जुड़ा पत्र जारी होने के ठीक बाद दोनों जिलाध्यक्ष अपनी ही पार्टी के नेतृत्व के खिलाफ एक्शन में आ गए और मोर्चा खोल दिया।

हालांकि कि इससे जुड़े एक सवाल के जवाब में अशफाक आलम ने कहा कि वे लोग पार्टी के संगठन विस्तार के लिए दिन रात लगे हुए थे। युवा प्रदेश अध्यक्ष ने उन लोगों से कई बार कतरनी चूड़ा दिल्ली और पटना मंगवाया। इसके अलावा अंग वस्त्र और रुपए की भी मांग की। उन लोगों ने जब इसका विरोध किया तो उन्हें हटाने की धमकी दी जाने लगी। उन्होंने प्रदेश प्रवक्ता अरुण यादव पर हाल ही में पार्टी मीटिंग के लिए एक स्थानीय होटल अरेंज करने के आरोप लगाए थे। अशफाक ने कहा जब उन लोगों ने खर्च देने से इनकार किया तो उन लोगों को पद से हटाने की धमकी दी गई। इसके बाद से ही प्रदेश नेतृत्व से मिलकर उन लोगों को हटाने की साजिश शुरू हो गई थी। दोनों जिलाध्यक्ष ने युवा राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष बुलो मंडल नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से इस पूरे मामले में जांच की मांग की है।वहीं इन आरोपों पर अपनी सफाई देते हुए प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने कहा कि दोनों को शीर्ष नेतृत्व ने सक्रिय नहीं रहने के कारण पदमुक्त किया है। पार्टी का निर्णय सर्वोपरि होता है। उनके द्वारा पार्टी नेताओं के ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। यदि उनकी कुछ मांग है तो पार्टी फोरम में रख सकते हैं। गलत बयानबाजी कर वे पार्टी विरोधी कार्य कर रहे हैं।

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